मीरा-भायंदर में सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा, आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र में 11 स्थानों पर पहले से मामले दर्ज होने की जानकारी।
भायंदर | HMB NEWS संवाददाता
मीरा-भायंदर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को अजित पवार का निजी सहायक (पीए) और शिक्षक संगठन से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति बताकर दो लोगों से कथित तौर पर 21 लाख 46 हजार रुपये ऐंठने वाले आरोपी को भायंदर पुलिस ने सोलापुर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 40 वर्षीय तुलसीदास जाधव के रूप में हुई है। आरोपी पर सरकारी स्कूल में शिक्षक की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर दो लोगों से मोटी रकम वसूलने का आरोप है।
राजनीतिक पहुंच का दावा कर जीता भरोसा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में आरोपी तुलसीदास जाधव ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया था। उसने खुद को अजित पवार का पीए बताते हुए दावा किया कि उसकी राजनीतिक स्तर पर अच्छी पहचान है और वह शिक्षक संगठन से भी जुड़ा हुआ है।
आरोपी ने यह भी दावा किया कि वह पहले कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलवा चुका है। इसी भरोसे में आकर पीड़ितों ने सरकारी स्कूल में शिक्षक पद पर नियुक्ति मिलने की उम्मीद से अलग-अलग समय पर कुल 21 लाख 46 हजार रुपये दे दिए।
पैसे लेने के बाद मोबाइल बंद, नौकरी भी नहीं मिली
आरोप है कि रकम लेने के बाद जाधव लगातार नौकरी दिलाने का आश्वासन देता रहा। लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद पीड़ितों को न तो नौकरी मिली और न ही उनके पैसे वापस किए गए।
इसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और शिकायतकर्ताओं से संपर्क तोड़ लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने भायंदर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
सोलापुर से गिरफ्तारी, मोबाइल में नेताओं के साथ तस्वीरें
मामले की गंभीरता को देखते हुए भायंदर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी तुलसीदास जाधव को सोलापुर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन में विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें भी मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन तस्वीरों और राजनीतिक पहचान के दावों का इस्तेमाल लोगों का विश्वास जीतने के लिए किया जाता था।
महाराष्ट्र में 11 स्थानों पर दर्ज हैं इसी तरह के मामले
पुलिस उपायुक्त राहुल चव्हाण (जोन-1) ने बताया कि आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र के 11 स्थानों पर इसी तरह की धोखाधड़ी के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। ऐसे में पुलिस उसके पुराने संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और संभावित अन्य पीड़ितों के संबंध में जांच कर रही है।
अन्य पीड़ितों से पुलिस की अपील
भायंदर पुलिस ने ऐसे लोगों से सामने आने की अपील की है, जिनसे तुलसीदास जाधव ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए हों या किसी तरह की धोखाधड़ी की हो।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
