आदिवासी बस्तियों में हुई कार्रवाई के साथ प्रभावशाली लोगों के कथित निर्माणों की भी जांच हो : प्रताप सरनाईक
मीरा भाईंदर : महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं पालक मंत्री प्रताप सरनाईक ने अवैध निर्माण के मामलों में कार्रवाई को लेकर समानता और निष्पक्षता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के सामाजिक या राजनीतिक प्रभाव के आधार पर कार्रवाई में भेदभाव नहीं होना चाहिए।मामला मीरा भाईंदर के चेना-वसई क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घरों पर हुई तोड़फोड़ से जुड़े वायरल वीडियो से संबंधित बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर सामने आए दावों के बीच सरनाईक ने संबंधित घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच किए जाने की आवश्यकता जताई है।
प्रभावशाली लोगों के निर्माणों पर भी उठे सवाल बताया गया है कि आदिवासी परिवारों के घरों पर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य कथित अनधिकृत निर्माणों को लेकर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़े निर्माणों की भी प्रशासन द्वारा जांच की जानी चाहिए।सरनाईक के अनुसार, यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति की पहचान या प्रभाव की परवाह किए बिना नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
वायरल वीडियो की सत्यता जांचना जरूरी इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर भी सवाल उठे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वीडियो की वास्तविकता और उसके संदर्भ को प्रशासनिक स्तर पर जांचे जाने की आवश्यकता है।सरनाईक ने कथित वीडियो को अंतिम तथ्य मानने के बजाय आधिकारिक दस्तावेजों और सत्यापित तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करने पर जोर दिया है।
आदिवासी समुदाय के अधिकारों पर भी जोरसरनाईक ने पर्यावरणीय नियमों के पालन के साथ-साथ स्थानीय भूमिपुत्रों और आदिवासी समुदायों के कानूनी अधिकारों की रक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि विकास कार्यों और नियमों के पालन के बीच प्रभावित नागरिकों के अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल और यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही।
