
ठाणे की अतिरिक्त सत्र अदालत ने सुनाया फैसला, 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
भाईंदर: राशन की दुकान की जांच कर गबन के मामले में कानूनी कार्रवाई रोकने के लिए एक महिला शिकायतकर्ता से 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के जुर्म में राशनिंग इंस्पेक्टर विजयकुमार कचेश्वर वाघ को ठाणे की अतिरिक्त सत्र अदालत ने एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), ठाणे परिक्षेत्र ने यह कार्रवाई जनवरी 2016 में की थी।ं एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। एसीबी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विजयकुमार वाघ भाईंदर स्थित 41/फ राशन कार्यालय में राशनिंग इंस्पेक्टर के रूप में तैनात थे।
उन्होंने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता महिला स्नेहल पवार की राशन दुकान की जांच की थी। इसके बाद दुकान में गबन की कार्रवाई न करने के बदले उन्होंने 3 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
इस मामले में जनवरी 2016 में नयानगर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था। ठाणे की अतिरिक्त सत्र अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी विजयकुमार वाघ को दोषी पाया और सजा सुनाई। इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक बाला कुंभार ने की थी और उन्होंने ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक शिवराज पाटिल के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक सुहास शिंदे की देखरेख में पूरी की गई। कोर्ट में सरकारी वकील पावसे ने सरकार का पक्ष रखा। इसके साथ ही ट्रायल ऑफिसर पुलिस उपअधीक्षक रुपाली पोळ, कोर्ट पैरवी अधिकारी अनिता पाटिल और पुलिस हवलदार सतीश ठाकरे ने मामले की अदालती कार्यवाही में सहयोग किया।
