आरटीआई के जवाब से रिकॉर्डिंग को लेकर स्थिति हुई स्पष्ट, नागरिकों और पत्रकारों के बीच फिर उठे सवाल

मीरा भाईंदर। मीरा भाईंदर महानगरपालिका की महासभा की फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर चल रहे विवाद के बीच सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। नगर निगम की ओर से दिए गए लिखित जवाब के अनुसार, महासभा की फोटोग्राफी या रिकॉर्डिंग पर रोक लगाने वाला कोई स्पष्ट नियम, शासन निर्णय अथवा नगरपालिका प्रस्ताव उपलब्ध होने की जानकारी नहीं दी गई है। यह जानकारी शिकायतकर्ता कृष्णा गुप्ता द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में सामने आई है। नगर निगम के नगर सचिव विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से इस संबंध में लिखित जवाब दिया गया है।
रिकॉर्डिंग पर रोक का आधार क्या?
मीरा भाईंदर महानगरपालिका की महासभा नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में आयोजित की जाती है। महासभा की कार्यवाही के दौरान पत्रकारों और नागरिकों द्वारा रिकॉर्डिंग किए जाने को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। इसी मामले को लेकर नागरिकों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरटीआई के जवाब में नगर निगम ने बताया है कि महासभा की फोटोग्राफी पर रोक लगाने वाला कोई नियम, शासन निर्णय अथवा नगरपालिका प्रस्ताव उपलब्ध नहीं है। साथ ही, केवल फिल्मांकन या रिकॉर्डिंग करने के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने अथवा दंडात्मक कार्रवाई करने संबंधी किसी प्रावधान की जानकारी भी नहीं दी गई है।
पुरानी कार्रवाई का रिकॉर्ड भी नहीं
आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार, महासभा की रिकॉर्डिंग या फिल्मांकन के आधार पर पहले किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई हो, ऐसा कोई रिकॉर्ड भी नगर निगम के पास उपलब्ध नहीं बताया गया है।इस जानकारी के सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि यदि रिकॉर्डिंग पर रोक लगाने वाला कोई स्पष्ट नियम या प्रस्ताव उपलब्ध नहीं है, तो महासभा में पत्रकारों और नागरिकों द्वारा रिकॉर्डिंग को रोकने का आधार क्या है?
RTI जवाब के बाद विवाद फिर चर्चा में
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता/शिकायतकर्ता कृष्णा गुप्ता का कहना है कि नगर निगम के लिखित जवाब से रिकॉर्डिंग पर लगाए जा रहे प्रतिबंध को लेकर स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। नागरिकों और पत्रकारों की ओर से भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, आरटीआई में रिकॉर्डिंग पर रोक लगाने वाला नियम नहीं मिलने का अर्थ यह नहीं है कि नगर निगम ने रिकॉर्डिंग की स्पष्ट अनुमति दे दी है। रिकॉर्डिंग की अनुमति और प्रतिबंध संबंधी नियम का उपलब्ध न होना दो अलग-अलग बातें हैं। इसलिए इस मामले में नगर निगम प्रशासन की आधिकारिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि, आरटीआई में रोक लगाने वाला नियम उपलब्ध नहीं होने का अर्थ रिकॉर्डिंग की स्पष्ट अनुमति होना नहीं है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आरटीआई के इस जवाब के बाद मीरा भाईंदर महानगरपालिका प्रशासन महासभा की रिकॉर्डिंग को लेकर अपनी आधिकारिक स्थिति किस प्रकार स्पष्ट करता है।
