15 दिन में राशि जमा करने का दिया था निर्देश, समयसीमा बीती फिर भी भुगतान नहीं;
एड. कृष्णा गुप्ता ने ब्याज सहित वसूली और FIR की मांग की

मीरा-भाईंदर : मीरा-भाईंदर मनपा के खेल (क्रीड़ा) विभाग से जुड़े एक मामले में मनपा की बकाया राशि की वसूली को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। 41 लाख 13 हजार 545 रुपये की बकाया राशि जमा करने के लिए मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा द्वारा 15 दिन की समयसीमा दिए जाने के बावजूद अब तक राशि वसूल नहीं होने का मामला सामने आया है।
इस मामले में एड. कृष्णा गुप्ता ने मनपा आयुक्त से हस्तक्षेप करते हुए बकाया रकम को ब्याज सहित तत्काल वसूल करने तथा आदेश का पालन नहीं करने वाले संबंधित ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
आयुक्त ने 15 दिन में भुगतान का दिया था आदेश
गुप्ता के अनुसार, 16 मई 2026 को जारी मनपा आयुक्त के आदेश में मेसर्स साहस चैरिटेबल ट्रस्ट के ठेकेदार को मनपा की बकाया 41,13,545 रुपये की राशि 15 दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं होने पर खेल विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाए।
समयसीमा खत्म, फिर भी रकम नहीं हुई जमा
शिकायत के अनुसार, निर्धारित 15 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की गई। आरोप है कि विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वसूली की प्रक्रिया निर्णायक स्तर तक नहीं पहुंची।
एड. कृष्णा गुप्ता ने सवाल उठाया है कि जब मनपा आयुक्त ने स्पष्ट रूप से समयसीमा तय कर भुगतान का आदेश दिया था, तो आदेश का पालन नहीं होने के बाद प्रभावी वसूली और कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग
गुप्ता ने मांग की है कि बकाया राशि को संबंधित करार और नियमों के अनुसार चूक की तारीख से ब्याज सहित तत्काल वसूल किया जाए। साथ ही समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कार्रवाई में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए और लापरवाही सामने आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने ठेकेदार को जारी किए गए सभी नोटिस, पत्राचार, प्राप्त जवाब और अब तक की गई वसूली कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की है। इसके साथ ही मूल बकाया राशि और उस पर अब तक अर्जित ब्याज की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
आदेश के पालन पर उठे सवाल
अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मनपा आयुक्त के स्पष्ट आदेश के बावजूद 41.13 लाख रुपये की बकाया राशि अब तक क्यों नहीं वसूली गई? शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, इस पर नजर बनी हुई है।

