पत्रकारों को धमकी देना लोकतंत्र को चुनौती है; दोषियों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

राज्य में पत्रकारों को धमकाना, उन पर हमला करना या उनके काम में बाधा उत्पन्न करना जैसी घटनाओं को राज्य सरकार अत्यंत गंभीरता से देख रही है। ऐसी प्रवृत्ति के लोगों को सीधे जेल भेजा जाना चाहिए, ऐसा कड़ा संदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकार और मीडिया चौथे स्तंभ के रूप में समाज के विभिन्न मुद्दों, जनता की समस्याओं और शासन की योजनाओं की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसलिए पत्रकारों पर होने वाले हमले, धमकियां या दबाव बनाने के प्रयास केवल किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार निर्भय होकर अपना कार्य कर सकें, इसके लिए उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और ऐसी घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों को और मजबूत किया जाएगा तथा किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव के आगे झुके बिना दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री की इस भूमिका का स्वागत करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश:पत्रकारों को धमकाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
संबंधित आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष तंत्र विकसित किया जाए।
“पत्रकारों को धमकी देना लोकतंत्र को चुनौती देना है। ऐसे कृत्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा। मीडिया की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए शासन प्रतिबद्ध है।”
— देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
