शहर चुनें
41°C Delhi
Breaking News

विशेष श्रेणियां

वीडियो
फोटो
पॉडकास्ट
ई-पेपर
वेब स्टोरी
शहर चुनें
ब्रेकिंग न्यूज 7 घंटे पहले
मीरा-भाईंदर के पूर्व आयुक्त दिलीप ढोले पर भ्रष्टाचार जांच की आंच, एसीबी कर सकती है कार्रवाई
नवी मुंबई में आस्था को ठेस! जूते-चप्पल स्टैंड के पास मिलीं देवी-देवताओं की मूर्तियां
“पानी हमारा अधिकार है, किसी और का नहीं!” – शिवसैनिकों के ‘तमारेल’ आंदोलन ने मीरा-भयंदर नगर निगम को हिलाकर रख दिया!
ठाणे में पानी संकट के बीच नया टैंकर फिलिंग सेंटर शुरू, घोड़बंदर रोड क्षेत्र को मिलेगी राहत
मीरा-भाईंदर मनपा मुख्यालय के बाहर अवैध पार्किंग का जाल, सफाई कर्मी की मौत से मचा हड़कंप
हाईवे प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर भड़के मंत्री प्रताप सरनाईक, तय की 10 जून की डेडलाइन

अपना शहर चुनें

मीरा भाईंदर
वसई विरार
मंगलुरु
बेंगलुरु
पणजी
कोल्हापुर
नाशिक
अमरावती
नागपुर
पुणे
ठाणे
औरंगाबाद

मौसम के लिए शहर चुनें

दिल्ली
मुंबई
कोलकाता
बेंगलुरु
चेन्नई
हैदराबाद
पुणे
अहमदाबाद
जयपुर
लखनऊ
पटना
रांची
Scroll to Top
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x

FY2026 में सरकार को 2.7 से 3 लाख करोड़ रुपये तक का लाभांश दे सकता है आरबीआई, रिपोर्ट में ये दावा

भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से वित्त वर्ष 26 में सरकार को 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक का रिकॉर्ड अधिशेष लाभांश हस्तांतरित किए जाने की उम्मीद है। लाभांश की राशि पिछले साल की तुलना में...

भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से वित्त वर्ष 26 में सरकार को 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक का रिकॉर्ड अधिशेष लाभांश हस्तांतरित किए जाने की उम्मीद है। लाभांश की राशि पिछले साल की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक अधिक हो सकती है। सेबी-पंजीकृत एनालिस्ट फ्रंट वेव रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई के लाभांश की राशि पिछले साल के ऐतिहासिक 2.1 लाख करोड़ रुपये के हस्तांतरण से काफी अधिक होगा।  यह आने वाले महीनों में भारत की राजकोषीय स्थिति और तरलता की स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। लाभांश की घोषणा मई के अंत तक होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया, “आरबीआई की ओर से वित्त वर्ष 2026 में सरकार को रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरित करने की उम्मीद है। अनुमानतः लाभांश की राशि 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक की हो सकती है।”

रिपोर्ट के अनुसार अधिशेष हस्तांतरण में अपेक्षित वृद्धि के तीन प्रमुख कारण हैं। सबसे पहले, आरबीआई के समय पर विदेशी मुद्रा बाजार संचालन ने मजबूत व्यापारिक लाभ उत्पन्न किया। केंद्रीय बैंक ने लगभग 83-84 रुपये पर अमेरिकी डॉलर खरीदे और उन्हें 84-87 रुपये पर बेचा।

इससे केंद्रीय बैंक को उल्लेखनीय लाभ हुआ। दूसरा, आरबीआई के 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिका विदेशी मुद्रा भंडार ने वैश्विक ब्याज दरों में वृद्धि के कारण ज्यादा ब्याज आय अर्जित की। इससे केंद्रीय बैंक के अधिशेष में काफी वृद्धि हुई।

Shahnawaz Khan

शहनवाज़ खान एक समर्पित पत्रकार हैं, जो सटीक और प्रभावशाली खबरों के लिए जाने जाते हैं। वे वर्तमान घटनाओं, जनहित के मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। सत्य और विश्वसनीय पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पाठकों को जागरूक और सूचित रखने का कार्य करती है।
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Scroll to Top
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
Scroll to Top
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x